किन पदार्थों को विटामिन कहते हैं? विटामिन के वर्गीकरण , स्रोत तथा दैनिक जीवन में महत्व का वर्णन कीजिए
उत्तर :
विटामिन :
✓ ऐसे कार्बनिक योगिक जो शरीर के उपापचयी क्रियाओं (metabolism) के लिए अति आवश्यक होता है तथा जिनसे कोई कैलोरी ऊर्जा प्राप्त नहीं होती विटामिंस कहलाता है।
✓विटामिन्स को शरीर का रक्षात्मक पदार्थ भी कहा जाता है।
✓ विटामिंस ऐसे पदार्थ होते हैं जो शरीर के स्वास्थ्य , वृद्धि तथा पाचन क्षमता को बनाए रखने में सहायता प्रदान करते हैं।
विटामिंस के वर्गीकरण :
जल में घुलनशीलता के आधार पर विटामिन को दो भागों में वर्गीकृत किया गया है ..
1. जल में घुलनशील विटामिन :
✓ ऐसे विटामिंस जल में घुलनशील होते हैं।
✓ इसके अंतर्गत विटामिन B और विटामिन C आते हैं।
2. जल में अघुलनशील विटामिन अथवा वसा में घुलनशील विटामिन :
✓ ऐसे विटामिंस जल में अघुलनशील(insoluble) होते हैं जबकि वसा में घुलनशील (soluble) होते हैं।
✓ इसके अंतर्गत विटामिन A , विटामिन D , विटामिन E तथा विटामिन K आते हैं।
विटामिन के स्रोत तथा दैनिक जीवन में विटामिंस का महत्व :
✓ प्रकृति द्वारा उपजे गए पदार्थ ही विटामिंस के प्रमुख स्रोत है ।
✓ जीवधारियों के शरीर के लिए यह अति आवश्यक पदार्थ होता है । जिसकी कमी से विभिन्न प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो जाती हैं।
✓विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों में विभिन्न प्रकार के विटामिंस पाए जाते हैं।
1. जल में घुलनशील विटामिन का स्रोत :
विटामिन B के स्रोत :
✓ विटामिन B एक कांपलेक्स विटामिन है , जिसके अंतर्गत विटामिन B1 , विटामिन B2 ,विटामिन B3 , विटामिन B5 , विटामिन B6, विटामिन B7, विटामिन B11 , विटामिन B12 आते हैं , जिनके विभिन्न स्रोत है । जैसे; हरी सब्जियां , दूध , मूंगफली , गन्ना , टमाटर अंडा , मछली आदि।
✓ इसकी कमी से बेरी बेरी , त्वचा का फटना , आंखों का लाल होना , बाल सफेद होना , एनीमिया , लकवा , पेचिश , पांडु रोग आदि की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
विटामिन C के स्रोत :
✓ विटामिन C का रासायनिक नाम एस्कोर्बिक अम्ल है।
✓यह प्रमुख रूप से खट्टे पदार्थों में पाया जाता है जैसे नीबू , संतरा , नारंगी , टमाटर आदि।
✓ इसकी कमी से इस स्कर्वी एवं मसूड़ों का फूलना जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है।
2. जल में अघुलनशील विटामिंस के स्रोत अथवा वसा में घुलनशील विटामिन के स्रोत :
विटामिन A का स्रोत :
✓ विटामिन A का रासायनिक नाम रेटिनाल है।
✓ यह प्रमुख रूप से गाजर , पपीता , शकरकंद , मूंगफली , दूध , पनीर , मछली यकृत तेल , अण्डा आदि में पाया जाता है।
✓ किसकी कमी से आंखों में रतौंधी की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
विटामिन D का स्रोत :
✓ विटामिन डी का रासायनिक नाम कैल्सीफेराल है।
✓ इसके प्रमुख स्रोत दूध , अंडा , मछली के यकृत का तेल आदि है। त्वचा स्वयं विटामिन डी को सूर्य के प्रकाश में संश्लेषित भी करती है।
✓ इसकी कमी से शरीर की हड्डियां कमजोर हो जाती हैं।
विटामिन E का स्रोत :
✓ विटामिन ई का रासायनिक नाम टोकोफेराल है।
✓ यह प्रमुख रूप से अंकुरित गेहूं , वनस्पति तेल , हरी पत्ती वाली सब्जीयां , मक्खन, दूध , सोयाबीन आदि में पाया जाता है।
✓ इसकी कमी से जननशक्ति पर प्रभाव पड़ता है।
विटामिन K का स्रोत :
✓ विटामिन के का रासायनिक नाम फिलोक्विनोन है।
✓ यह प्रमुख रूप से पालक, बंद गोभी, पत्तेदार हरी सब्जियों , टमाटर आदि पाया जाता है।
✓ इसकी कमी के कारण रक्त का थक्का नहीं बन पाता है।
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